Shaandaar movie song lyrics
Lyrics

रातों के जागे सुबह मिले हैं 
रेशम के धागे ये सिलसिले हैं 
लाज़मी सी लगने लगी है 
दो दिलों की अब नज़दीकियां 

हम्म दिखती नहीं है 
पर हो रही हैं महसूस नज़दीकियां 
दो दिल ही जाने 
लगती हैं कितनी मेहफ़ूज़ नज़दीकियां 

ज़रिया हैं ये आखें ज़रिया 
छलकता है जिनसे एक अरमानों का दरिया 
आदतें हों इनकी पुरानी 
अनकही सी कह दे कहानी 

परछाइयाँ दो जुड़ने लगी हैं 
देखो हवा में उड़ने लगी हैं

पंख जैसी लगने लगी है 
दो दिलों की अब नज़दीकियां